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    न्यायमूर्ति निलय विपिनचंद्र अंजारिया

    Justice NV Anjaria

    23 मार्च 1965 को अहमदाबाद, मूल निवासी मांडवी-कच्छ में जन्मे, एक वकील परिवार में जन्मे, पिता भी न्यायपालिका में थे। एच.एल. कॉलेज ऑफ कॉमर्स, अहमदाबाद से स्नातक। 1988 में सर एल.ए. शाह लॉ कॉलेज से एल.एल.बी.। 1989 में यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ, अहमदाबाद से कानून में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।

    अगस्त 1988 से गुजरात उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एस.एन. शेलत के चैंबर में शामिल होकर प्रैक्टिस शुरू की। संवैधानिक मुद्दों और सभी प्रकार के दीवानी मामलों, श्रम और सेवा से संबंधित मामलों का संचालन किया। उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों, राज्य चुनाव आयोग, गुजरात सूचना आयोग, गुजरात औद्योगिक विकास निगम, नगर पालिकाओं आदि के लिए स्थायी वकील/पैनल अधिवक्ता रहे।

    1992 में स्वर्गीय श्री नवीनचंद्र देसाई फाउंडेशन, अहमदाबाद द्वारा ‘भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता – मीडिया के संदर्भ में’ पर रिसर्च फेलोशिप प्रदान की गई। माननीय के रूप में सेवा प्रदान की। गुजरात लॉ हेराल्ड के एसोसिएट एडिटर, साथ ही उच्च न्यायालय मध्यस्थता केंद्र में प्रशिक्षित मध्यस्थ भी। संवैधानिक और कानूनी विषयों पर पुस्तकों, विधि पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित लेख, आलेख आदि। अप्रैल 2010 में गुजरात उच्च न्यायालय के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर इसके तत्वावधान में प्रकाशित स्मारिका में ‘गुजरात उच्च न्यायालय: आगमन और उत्थान’ नामक लेख का योगदान देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

    21.11.2011 को गुजरात उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 06.09.2013 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में उनकी पुष्टि हुई।

    माननीय न्यायाधीश ने 25.02.2024 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

    माननीय न्यायाधीश ने 30.05.2025 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।