बंद करे

    अभिगम्यता

    हमारी वेबसाइट के लिए अभिगम्यता

    भारत का सर्वोच्च न्यायालय न्याय तक पहुंच के अधिकार और न्याय प्रशासन के अधिकार के अपने संस्थागत लक्ष्यों को मजबूत करने के लिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि उसकी वेबसाइट, सूचना और प्रौद्योगिकी उपकरण सभी के लिए अभिगम्य हों।

    भारत का सर्वोच्च न्यायालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उसकी वेबसाइट और सभी सूचना और प्रौद्योगिकी उपकरण विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 [राइट ऑफ़ पर्सन्स विद डिसैबिलिटीज एक्ट, 2016] और भारत सरकार की वेबसाइटों के लिए दिशानिर्देशों (जीआईजीडब्ल्यू) के अनुपालन में हैं।

    यह वेबसाइट निम्नलिखित सुविधाओं के साथ सभी के लिए सुलभ है:

    • कीबोर्ड का उपयोग करके नेविगेट करें
    • वेबसाइट के अंशो को स्क्रीन रीडर का उपयोग करके सुनें
    • रंग, कंट्रास्ट और फ़ॉन्ट बदलें

    अनुपालन स्थिति

    यह वेबसाइट विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 [राइट ऑफ़ पर्सन्स विद डिसैबिलिटीज एक्ट, 2016] और भारत सरकार की वेबसाइटों के लिए दिशानिर्देशों (जीआईजीडब्ल्यू) के लागू प्रावधानों का आंशिक रूप से अनुपालन करती है। वेबसाइट के गैर-अनुपालन और छूट नीचे सूचीबद्ध हैं:

    • पिछली वेबसाइट से लाये गए और पूर्व अवसर पर अपलोड पर पीडीऍफ़ दस्तावेज़ शायद पूरी तरह से स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर से सुने न जा पाए।
    • पाठ की पंक्ति की ऊंचाई या रिक्ति को संशोधित नहीं किया जा सकता है ।
    • लाइव वीडियो स्ट्रीम में कैप्शन नहीं होते हैं।
    • स्क्रीन रीडर उपयोगकर्ता के लिए कुछ तालिकाओं, ग्राफ़, चार्ट को पढ़ना मुश्किल हो सकता है।

    अभिगम्यता और समावेशन अनुभाग

    अपनी रजिस्ट्री में एक समर्पित अभियमयता और समावेशन अनुभाग स्थापित करने पर भारत का सर्वोच्च न्यायालय गर्व रखता है। अभिगम्यता और समावेशन अनुभाग ने एक सिंगल विंडो स्थापित की है – “अभिगम्यता और समावेशन अनुभाग”, जो ई-सेवा केंद्र ,(मुख्या बिल्डिंग ) मैन काम्प्लेक्स , डी इन गेट के पास स्थापित की गयी है ।.

    विशेष अभिगम्यता सेवाओं के लिए नीचे दिए गए ई-मेल या टेलीफोन के जरिये संपर्क कर सकते है:

    ईमेल: accessibility[at]sci[dot]nic[dot]in
    टेलीफोन: +91-11-23112828

    Vani

    Ask

     SuSahayak  v1.0
    AI Assistant Powered by VANI
    home