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    न्यायमूर्ति वी. मोहना

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    • जन्म 27 जून, 1966 को हुआ।
    • पिता – स्वर्गीय श्री एस. वेंकिटासुब्रमणि।
    • माता – स्वर्गीय श्रीमती कावेरी अम्मल।
    • श्री एस. पद्मनाभन से विवाह हुआ; एक बेटा है।
    • तमिलनाडु के इरोड में गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल फॉर गर्ल्स में पढ़ाई की।
    • कोयंबटूर लॉ कॉलेज, भरथियार यूनिवर्सिटी, कोयंबटूर से पांच साल के लॉ कोर्स (1983-1988) के पहले बैच के हिस्से के तौर पर ग्रेजुएशन किया और बैचलर ऑफ लॉज़ की डिग्री हासिल की।
    • 11 नवंबर, 1988 को बार काउंसिल, तमिलनाडु में वकील के तौर पर एनरोल हुईं और बाद में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में ट्रांसफर हो गईं।
    • 1992 तक कोयंबटूर के जाने-माने सिविल वकील श्री एम. पंचपाकेसन के चैंबर में इंटर्न और एनरोलमेंट के बाद वकील के तौर पर काम किया।
    • बाद में मई 1992 में सुश्री इंदु मल्होत्रा ​​(जो उस समय भारत के सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड थीं और बाद में सुप्रीम कोर्ट की जज बनीं) के चैंबर में शामिल हुईं।
    • सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और दिल्ली के अलग-अलग ट्रिब्यूनल में अहम मामलों में सुश्री इंदु मल्होत्रा ​​की मदद की।
    • बाद में सीनियर एडवोकेट और भारत के पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री सी.एस. वैद्यनाथन के चैंबर में शामिल हुईं और सुप्रीम कोर्ट व अन्य मंचों पर कई मामलों में उनकी मदद की।
    • अप्रैल 1996 में भारत के सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड बनीं।
    • सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में पैनल लॉयर रहीं और सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट्स के लिए मानद एडिटर के तौर पर काम किया।
    • सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेकर मीडिएटर (मध्यस्थ) के तौर पर ट्रेनिंग ली।
    • 23 अप्रैल, 2015 को सुप्रीम कोर्ट की फुल कोर्ट ने उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया।
    • प्रैक्टिस के दौरान, सीनियर एडवोकेट के तौर पर सुप्रीम कोर्ट और देश भर के कई हाई कोर्ट में पेश हुईं; अलग-अलग विषयों से जुड़े कई तरह के मामलों में और सुप्रीम कोर्ट की कॉन्स्टिट्यूशन बेंच (संविधान पीठ) के सामने भी पेश हुईं।
    • सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों में एमिकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) के तौर पर नियुक्त हुईं। सुप्रीम कोर्ट की जेंडर सेंसिटाइज़ेशन और इंटरनल कंप्लेंट्स कमिटी (GSICC) के चुने हुए और नॉमिनेटेड सदस्य रहे हैं।
    • सुप्रीम कोर्ट की मिडिल इनकम ग्रुप लीगल एड कमिटी के सदस्य रहे हैं।
    • सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमिटी के सदस्य।
    • साल 2018 में, रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल के एक सदस्य को हटाने के मामले में, जस्टिस यू.यू. ललित (जो उस समय सिटिंग जज थे) की अध्यक्षता वाले जांच आयोग (कमीशन ऑफ़ इन्क्वायरी) के लिए वकील के तौर पर मदद की।
    • 1997 से भारत सरकार के लिए अलग-अलग मामलों में स्पेशल वकील और सीनियर वकील रहे हैं।
    • लॉ कॉलेजों और दूसरे मंचों पर कई लेक्चर दिए हैं।
    • मीडिएशन सेंटर के ज़रिए कमर्शियल मीडिएशन समेत कई मीडिएशन किए हैं, साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए जाने पर दूसरे मामलों में भी मीडिएशन किया है।
    • सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त आर्बिट्रेटर के तौर पर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन किया और अवॉर्ड (फैसले) दिए।
    • आर्बिट्रेटर के तौर पर घरेलू आर्बिट्रेशन किए।
    • पढ़ना और संगीत सुनना भी पसंद है।
    • 02 जून, 2026 को सीधे बार से भारत के सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त हुए।
    Vani

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